सिंगरौली
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से लगाई गुहार
जिले के सिंगरौली अंतर्गत तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्राम बिहरा के ग्रामीणों ने तहसीलदार को आवेदन सौंपकर शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बिहरा की आराजी क्रमांक 453, 454 और 455, जो कि शासन की भूमि दर्ज है, पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि गांव के उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है और इसके अतिक्रमण से आमजन को आने-जाने सहित अन्य सुविधाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा जमीन पर गड्ढा खोदकर निर्माण की तैयारी की जा रही है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो शासकीय संपत्ति को स्थायी नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अतिक्रमण के कारण शासकीय उचित मूल्य दुकान के आसपास का क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है।
आवेदन पत्र में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
इस संबंध में तहसीलदार प्रीति सिकरवार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पटवारी को भेज कर जांच करवाते है लेकिन पटवारी ने क्या जानकारी दिया पता नहीं चला और घर पर छत पड़ने वाला है और जब वर्तमान हल्का पटवारी विहरा छात्रमणि सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि पट्टे की आराजी है वहीं पंचायत के सरपंच और ग्रामवासीयो ने बताया कि पटवारी की मिलीभगत से यह घर बनाया जा रहा एक तरफ सिंगरौली प्रशासन मध्यप्रदेश शासन की जमीन को खाली करवाने का कार्य कर रही है वहीं हल्का पटवारी विहरा के द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है आपको बता दें कि तहसीलदार के समक्ष यह आवेदन 3/2/2026 को दिया गया था लेकिन पटवारी के द्वारा मामले को दबाने की लगातार कोशिश की जा रही है ग्रामीणों ने बताया कि पटवारी विहरा के सहयोग से यह निर्माण कराया जा रहा है आखिर किसके संरक्षण में मध्य प्रदेश शासन की जमीन पर कब्जा और मकान निर्माण का कार्य किया जा रहा है!












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