Janta Ki Awaj

NEWS AND POLITACAL

जिले की यातायात व्यवस्था बेपटरी, जिम्मेदार अनजान या मिलीभगत? 

सिंगरौली

जिले की यातायात व्यवस्था बेपटरी, जिम्मेदार अनजान या मिलीभगत?

 

सड़क पर ‘चंगू-मंगू’ की वसूली से वाहन चालक परेशान

 

जिले की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह बेपटरी होती नजर आ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कों पर अव्यवस्था का आलम है, जबकि जिम्मेदार विभाग और अधिकारी या तो इससे अनजान बने हुए हैं या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं। हालात ऐसे हैं कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर कुछ तथाकथित लोग खुलेआम वाहन चालकों से वसूली करने में जुटे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार जिले के प्रमुख मार्गों पर कुछ लोगों द्वारा स्वयंभू जांचकर्ता बनकर ट्रकों, डंपरों और अन्य व्यवसायिक वाहनों को रोककर पूछताछ की जाती है। कई वाहन चालकों का आरोप है कि उन्हें बेवजह रोककर दस्तावेजों के नाम पर परेशान किया जाता है और बाद में कथित रूप से लेन-देन कर वाहनों को छोड़ दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में न तो कोई अधिकृत पहचान होती है और न ही किसी विभाग का स्पष्ट आदेश।

यातायात व्यवस्था की बात करें तो शहर के मुख्य चौराहों और व्यस्त मार्गों पर जाम की स्थिति आम हो गई है। अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण आम नागरिकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर यातायात पुलिस की अनुपस्थिति भी सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जाए तो न केवल यातायात व्यवस्था सुधर सकती है, बल्कि अवैध वसूली जैसे मामलों पर भी रोक लगाई जा सकती है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार विभागों की प्राथमिकता में यह मुद्दा शामिल नहीं है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सड़क पर खुलेआम हो रही इस कथित वसूली की जानकारी प्रशासन को नहीं है या फिर किसी के संरक्षण में यह खेल चल रहा है? यदि जानकारी नहीं है तो यह प्रशासनिक विफलता है और यदि जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही तो यह गंभीर मिलीभगत की ओर संकेत करता है।

अब जिले की जनता और वाहन चालक प्रशासन से जवाब चाहते हैं कि सड़क पर सक्रिय इन तथाकथित वसूलीबाजों पर कब कार्रवाई होगी और सिंगरौली की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। जनता की नजरें अब जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *