सिंगरौली
सिंगरौली में बीयर संकट गहराया: नई आबकारी नीति पर भड़के ठेकेदार, बोले— “सीजन में ही खाली हो गए वेयरहाउस”
विंध्य क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच बीयर की बढ़ती मांग और घटती आपूर्ति ने शराब कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। बीयर लाइसेंसधारियों ने प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति और वेयरहाउस में लगातार बनी हुई स्टॉक की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कारोबारियों का कहना है कि सीजन के सबसे अहम महीनों में बीयर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, वहीं सरकारी राजस्व पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है।
विंध्य क्षेत्र के बीयर ठेकेदारों के अनुसार, गर्मी के दौरान कुल बिक्री का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा केवल बीयर से आता है। लेकिन मौजूदा स्थिति यह है कि वेयरहाउस में पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के कारण दुकानों तक समय पर आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही। परिणामस्वरूप ग्राहक खाली हाथ लौट रहे हैं और कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, रीवा संभाग के चार जिलों में करीब 180 से 185 बीयर दुकानें संचालित हैं। सभी दुकानों के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे शुरू होती है। सीमित स्टॉक और सर्वर पर अत्यधिक लोड के चलते अधिकांश दुकानदार समय पर ऑर्डर दर्ज नहीं कर पाते। कई बार कुछ ही मिनटों में पूरा स्टॉक खत्म हो जाता है, जिससे छोटे और दूरस्थ क्षेत्रों के लाइसेंसधारियों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
शराब कारोबारियों का कहना है कि उन्होंने इस वर्ष ऊंची बोली लगाकर ठेके हासिल किए थे, ताकि गर्मी के सीजन में बेहतर कारोबार कर सकें। लेकिन मौजूदा हालात में लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि शासन द्वारा प्रतिदिन 6 हजार से 6 हजार 500 पेटी बीयर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था अब तक प्रभावी नहीं हो सकी है।
कारोबारियों ने सरकार से मांग की है कि वेयरहाउस में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए और ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि सभी दुकानदारों को समान अवसर मिल सके।
वाइट शराब ठेकेदार गौरव सिंह ने कहा कि यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो कई दुकानों के संचालन पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बीयर की लगातार कमी का सीधा असर सरकारी राजस्व पर भी पड़ेगा।












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