सिंगरौली
जनगणना 2027: प्रगणकों का प्रशिक्षण संपन्न; लापरवाही पर 3 साल की जेल और निलंबन की होगी कार्रवाई
सिंगरौली, 5 मई 2026/ भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के कार्य को गति देने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। नगर जनगणना अधिकारी श्रीमती ज्योति सिंह ने जानकारी दी कि नियुक्त किए गए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का अनिवार्य प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, जिसमें उन्हें डेटा प्रविष्टि के तकनीकी पहलुओं, सावधानियों और मकानों के नंबर डालने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया है। श्रीमती सिंह ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम 1948 की धाराओं के तहत ये सभी कर्मचारी ‘लोक सेवक’ की श्रेणी में आते हैं और उनके लिए इस राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करना विधिक रूप से अनिवार्य है। यदि कोई प्रगणक या संबंधित कर्मचारी अपने कर्तव्यों के पालन से इनकार करता है या कार्य में कोताही बरतता है, तो जनगणना अधिनियम की धारा 5 और 11 के प्रावधानों के तहत उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक के कारावास और आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ तत्काल प्रभाव से नौकरी से निलंबन भी शामिल है।
नगर जनगणना अधिकारी ने जनगणना से जन कल्याण के इस अभियान में आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि सूचना देना केवल नैतिक ही नहीं, बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है। जनगणना अधिनियम की *
धारा 8 की उपधारा (1) के अंतर्गत, जिस भी व्यक्ति से कोई प्रश्न पूछा जाए, वह कानूनी रूप से अपने सर्वोत्तम ज्ञान या विश्वास के अनुसार ऐसे प्रश्न का उत्तर देने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने सभी प्रगणकों को पूरी निष्ठा के साथ फील्ड कार्य प्रारंभ करने और निर्धारित समय सीमा में शुद्ध डेटा संकलित करने के निर्देश दिए हैं।












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