सिंगरौली
सरई थाना बना ‘सेटिंग का अड्डा’? 4 साल से जमे रिंकू धाकड़ पर अवैध कारोबार को संरक्षण देने के आरोप
जिले के सरई थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सरई थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी रिंकू धाकड़ पिछले लगभग चार वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं, और उनके कार्यकाल में क्षेत्र में अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है।
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, सट्टा, शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को खुला संरक्षण मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से एक ही थाने में जमे रहने के बावजूद इन पर अब तक स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई है।
मध्य प्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति के तहत आमतौर पर पुलिसकर्मियों का निश्चित समयावधि के बाद तबादला किया जाता है, ताकि निष्पक्षता बनी रहे और स्थानीय प्रभाव न बढ़े। लेकिन रिंकू धाकड़ के मामले में यह नीति लागू होती नजर नहीं आ रही। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें किसी राजनीतिक या उच्चस्तरीय संरक्षण का लाभ मिल रहा है?
ग्रामीणों और स्थानीयो का आरोप है कि “थाने में सुनवाई के बजाय सेटिंग ज्यादा चलती है,” जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
ऐसे में सवाल और भी गहराता जा रहा है कि आखिर किन कारणों से एक ही व्यक्ति को इतने लंबे समय तक एक ही थाने में बनाए रखा गया है। लोगों का कहना यह भी है कि थाना प्रभारी का पूरा संरक्षण प्राप्त है
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।












Leave a Reply