सिंगरौली
मलगो की राशन दुकान में आग से मचा हड़कंप, धुएं के साथ उठे कई सवाल!
तीन महीने का राशन न बांटने के आरोप के बीच दुकान में आगजनी, सड़ा राशन और बोरियां जलने की चर्चा—‘राशन गया कहां?’ स्थानीयों ने उठाए सवाल
सिंगरौली। ग्राम पंचायत मलगो स्थित सहकारिता की शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान में अचानक आग लगने की घटना ने पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है। आग लगने की वजह क्या थी, आग अपने आप लगी या इसके पीछे कोई और कारण था—इन सवालों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान में कई हितग्राहियों से तीन महीने का अंगूठा लगवाए जाने के बावजूद राशन का वितरण नहीं किया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि दुकान के अंदर रखा कुछ बचा हुआ एवं सड़ा राशन तथा खाली/पुरानी बोरियों को आग के हवाले कर दिया गया और वास्तविक राशन को कहीं और ले जाने की आशंका है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आग ने खड़े कर दिए कई सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राशन दुकान में आग किस परिस्थिति में लगी? दुकान में उस समय कितना राशन मौजूद था? स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और मौके पर उपलब्ध अथवा जला हुआ राशन कितना है? क्या दुकान में रखे खाद्यान्न का नियमानुसार वितरण हुआ था? यदि हितग्राहियों के अंगूठे लगवाए गए थे तो उनके नाम पर राशन का वितरण कहां और कब किया गया?
स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों ने अब पूरे मामले की स्टॉक से लेकर वितरण व्यवस्था तक जांच की जरूरत पैदा कर दी है।
मौके पर पहुंचीं तहसीलदार, शुरू हुई जांच
घटना की सूचना के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच की। अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि आग कैसे लगी, दुकान में कितना खाद्यान्न मौजूद था, कितना राशन जला और रिकॉर्ड में कितने राशन का हिसाब दर्ज है।
यदि जांच में स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं यदि आग दुर्घटनावश लगी है तो उसकी वास्तविक वजह भी जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।
‘अंगूठा लगवाया तो राशन गया कहां?’—ग्रामीणों का सीधा सवाल
मामले में स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता उन हितग्राहियों को लेकर है, जिनका आरोप है कि उनसे राशन लेने के लिए अंगूठा तो लगवा लिया गया, लेकिन उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला।
अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह महज एक दुर्घटना थी या आग ने किसी बड़े खेल के निशान मिटा दिए? इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल मलगो की राशन दुकान में लगी आग ने सहकारिता विभाग और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में राशन का वास्तविक स्टॉक, वितरण रिकॉर्ड और आग लगने की वजह क्या सामने आती है।












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